collaction no 171

 सुबह हो गई...


चू त अभी भी फड़क रही है, उसकी चिकनी चू त की आग बुझी नहीं
होंठ कटे, चूचियाँ दांतों से लाल, बदन पर चु दाई की महक...
रात भर नंगी चीखती रही, माल उसके गले तक भरा हुआ जल्दी घर...जाना है,
पर मन कर रहा है—अभी फिर से चोदवा ले वह ? 💋💚🔥

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